सचिन के करियर का सबसे बुरा दिन आजका - जानिए क्यों सचीन ने एसा कहा


आज भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच वर्ल्ड टी20 का दूसरा सेमीफाइनल खेला जायेगा और सभी की निगाहें इसी मेच पर है लेकिन आज की तारीख टीम इंडिया के इतिहास में एक बुरी याद के तौर पर दर्ज है वो भी ऐसी याद जिसे सचिन तेंदुलकर अपने करियर का सबसे बुरा दिन कहा 
जी हां वो तारीख थी 31 मार्च 1997. भारत की टीम वेस्ट इंडीज़ के दौरे पर थी और इसी दिन भारत वेस्ट इंडीज़ के सामने बार्बाडोस में तीसरा टेस्ट खेल रही थी. 
भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्ट इंडीज़ 298 रन ही बना पाई थी. शिवनारायण चन्द्र्पौल ने नाबाद 137 रन बनाये थे. भारत की और से प्रसादने 5 विकेट चटकाए थे. जवाब में भारतीय टीम ने सचून के 92 और द्रविड़ के 78 रनोंकी बदौलत 319 रन बनाये थे और भारत को 21 रनों की बढ़त मिली थी. दूसरी इनिंग में भी वेस्ट इंडीज़ सिर्फ 140 रन ही बना पाई थी और भारत को जीत के लिए सिर्फ 120 रनोंका टारगेट मिला था. लेकिन 120 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया महज 81 रन पर ऑल-आउट हो गई थी. 

सचिन इस दौरे पर भारतीय टीम के कप्तान थे ओर कप्तानी में लगातार फेल हो रहे थे. वे काफी हताश हो चुके थे..खुद सचिन ने अपनी आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माय वे’ में लिखा हैं कि ये हार भारतीय क्रिकेट के इतिहास और उनके करियर का सबसे बुरा दिन था इसके बाद सचिन ने क्रिकेट को अलविदा कहने का मन भी बना लिया था. जिसके बाद सचिन ने खुद को 2 दिनों तक कमरें में बंद कर रखा.
अगर भारत की टीम आज वेस्टइंडीज़ को हरा देती है तो न ही सिर्फ फ़ाइनल में पहोचेंगे लेकिन 19 साल पहले आज ही के दिन हुई करारी हर का बदला भी मिल जाएगा

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